
कोटा।
जिला कोटा ग्रामीण पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन रूट क्लीयरेंस’ के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की स्पेशल टीमों ने मंडाना और कनवास थाना क्षेत्रों में अलग-अलग कार्रवाइयां करते हुए पंजाब निर्मित अवैध अंग्रेजी शराब की एक बहुत बड़ी खेप बरामद की है। जब्त की गई शराब और तस्करी में प्रयुक्त वाहनों (दो आईशर मिनी ट्रकों) की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 56 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने इस मामले में दो अंतरराज्यीय तस्करों को भी गिरफ्तार किया है। यह शराब मध्य प्रदेश के रास्ते गुजरात ले जाई जा रही थी।
गुप्त केबिन बनाकर की जा रही थी तस्करी
कोटा ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक (SP) सुजीत शंकर (IPS) ने बताया कि तस्करों ने अवैध शराब छिपाने के लिए ट्रकों को विशेष रूप से मॉडिफाई (परिवर्तित) करवा रखा था। ट्रकों में चालक के केबिन के ठीक पीछे ऊपर से खुलने वाले गुप्त बॉक्स (ब्लॉक) बनाए गए थे, ताकि पुलिस को चकमा दिया जा सके। पुलिस ने दोनों ट्रकों से ‘रॉयल स्टैग’ और ‘रॉयल चैलेंज’ ब्रांड की कुल 539 पेटियां (16,956 क्वाटर और 2,064 बोतलें) बरामद की हैं।
इस तरह दी गई नाकाबंदी के दौरान अंजाम
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामकल्याण मीणा के सुपरविजन में विशेष टीमों का गठन किया गया था। दिनांक 10 जून, 2026 को पुलिस ने दो अलग-अलग स्थानों पर नाकाबंदी कर इन कार्रवाइयों को अंजाम दिया:
- पहली कार्रवाई (कनवास थाना): कनवास थाना प्रभारी उप-निरीक्षक (SI) सुरेश शर्मा मय जाब्ता एनएच-52 कोटा-झालावाड़ रोड दरा स्टेशन पर कनवास तिराहे पर चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान कोटा की तरफ से आ रहे एक मिनी ट्रक (GJ 03 BZ 3034) को रुकवाया गया। चालक ने घबराकर ट्रक को खाली बताया, लेकिन संदेह होने पर जब काले रंग का तिरपाल हटाकर जांच की गई, तो गुप्त केबिन से 245 पेटी अवैध शराब बरामद हुई। इस दौरान बाड़मेर निवासी तस्कर गणेश जाट (22) को गिरफ्तार किया गया।
- दूसरी कार्रवाई (मंडाना थाना): मंडाना थानाधिकारी वासुदेव (पुलिस निरीक्षक) मय जाब्ता एनएच-52 पर काल्याखेड़ी रेस्ट एरिया के पास नाकाबंदी पर थे। मुखबिर की सटीक सूचना पर उन्होंने एक अन्य मिनी ट्रक (GJ 03 BW 7246) को रुकवाया। इस ट्रक के गुप्त बॉक्स से भी 294 पेटी अवैध शराब जब्त की गई। मौके से जालौर निवासी तस्कर बीराराम जाट (21) को गिरफ्तार किया गया।
दोनों थानों में आबकारी अधिनियम (Excise Act) की धारा 19/54 के तहत मामले दर्ज कर आगे का अनुसंधान शुरू कर दिया गया है।
हाईटेक है तस्करों का ‘तरीका-ए-वारदात’
पुलिस पूछताछ में शराब तस्करी के एक बेहद सुनियोजित नेटवर्क का खुलासा हुआ है। इस गिरोह का मुख्य सरगना (मास्टरमाइंड) पकड़े गए चालकों को जीपीएस (GPS) लोकेशन के जरिए गाइड करता था। चालकों को सिर्फ रास्ते की लोकेशन भेजी जाती थी, उन्हें यह नहीं पता होता था कि शराब किस गोदाम से भरी गई है और कहां खाली होनी है। गंतव्य से ठीक पहले किसी तय होटल या ढाबे पर गाड़ी खड़ी करवा दी जाती थी, जहां से मुख्य सरगना के अन्य आदमी गाड़ी को रिसीव करते थे।
सराहनीय भूमिका निभाने वाली टीम
इस पूरी कार्रवाई में वृत्ताधिकारी सांगोद नरेंद्र जैन, वृत्ताधिकारी कोटा ग्रामीण राजेश ढाका और प्रोबेशनर आरपीएस मदनलाल ढाका का कुशल निर्देशन रहा। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस सफलता में कनवास थाने के हेड कांस्टेबल दिनेश और कांस्टेबल बीरबल (विशेष योगदान), मंडाना थाने के हेड कांस्टेबल महावीर प्रसाद, सत्यप्रकाश, कांस्टेबल सुमेर और साइबर सेल के कांस्टेबल लाखन सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



