कोटा: राजस्थान में नीट (NEET) परीक्षा और कांग्रेस नेता राहुल गांधी की सभा को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य के ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के उन आरोपों पर तीखा पलटवार किया है, जिनमें गहलोत ने सरकार पर छात्रों को धमकाने और लोकतंत्र के खतरे में होने की बात कही थी। नागर ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे कांग्रेस की ‘मनगढ़ंत कहानी’ और ‘नाकामी छिपाने का प्रयास’ करार दिया है।
“किताबें छोड़कर राजनीतिक प्रवचन सुनने क्यों जाएंगे छात्र?” ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि गहलोत जी लोकतंत्र की दुहाई दे रहे हैं, लेकिन उन्हें थोड़ा ‘कॉमन सेंस’ (सामान्य समझ) लगाना चाहिए। मंत्री ने कहा, “नीट परीक्षा में सिर्फ 3 दिन बचे हैं। कोटा में बच्चे अपना करियर बनाने आते हैं और दिन-रात एक करके पढ़ाई करते हैं। ऐसे में वे अपनी परीक्षा के आखिरी वक्त में किताबें छोड़कर राहुल गांधी का राजनीतिक प्रवचन सुनने क्यों जाएंगे?”
लोकतंत्र नहीं, कांग्रेस नेताओं को है ‘फ्लॉप शो’ का डर मंत्री ने स्पष्ट किया कि छात्रों के सभा में न जाने को लेकर किसी को धमकाने की जरूरत नहीं है; यह बच्चों का अपना सीधा फैसला है। उन्होंने तीखा तंज कसते हुए कहा कि बच्चों को अपना भविष्य प्यारा है, ‘कांग्रेस का सर्कस’ नहीं।
नागर ने गहलोत से सवाल किया कि जब बच्चे अपनी स्वेच्छा से पढ़ाई को चुन रहे हैं, तो इसमें लोकतंत्र खतरे में कैसे आ गया? उन्होंने कहा कि ‘भय का माहौल’ और ‘धमकी’ जैसी बातें सिर्फ राजस्थान कांग्रेस की डूबती नैया और अपनी नाकामी को छुपाने का एक घटिया प्रयास हैं।
“अपनी सफाई की चिंता करे कांग्रेस” अपने बयान के अंत में ऊर्जा मंत्री ने कांग्रेस पर चुटकी लेते हुए कहा कि असल डर तो कांग्रेस नेताओं के दिमाग में है। उन्हें इस बात की चिंता सता रही है कि वे राहुल गांधी के सामने इस ‘फ्लॉप शो’ (विफल कार्यक्रम) की सफाई कैसे पेश करेंगे।




